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  • दुर्गा पूजा का दूसरे दिन दुर्गा कोन सा रूप के पूजा किया जाता है दूसरे स्वरूप का कैसे पूजा होती है देखिए खास रिपोर्ट

    ब्रह्मचारिणी स्वरूप के पूजन को विस्तार से जाने दुर्गा पूजा के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा होती है। यह देवी साधना, तपस्या, संयम और आत्मबल की प्रतीक मानी जाती हैं। पुराणों के अनुसार, के अनुसार माने जाते है जब देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या किया, तब वही स्वरूप ब्रह्मचारिणी कहलाने लगा। इस दिन भक्त मां के दिव्य और शांत रूप की आराधना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं
    पूजा का महत्व और जाने क्या है इतिहासद्वितीया तिथि यानी दूसरे दिन, मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।जो ब्रह्म का अर्थ होता है– तप, और चारिणी यानी आचरण करने वाली। तपस्या और त्याग का यह रूप कन्या अवस्था में देवी पार्वती द्वारा भगवान शिव को पाने के लिए किए गए कठोर साधना के कारण जारी हुआ। ऐसी मान्यता है कि ब्रह्मचारिणी की उपासना करने से साधक को धैर्य, संयम, ज्ञान, वैराग्य, और आत्मबल की प्राप्ति होती है।जो सभी लोगों को ये पूजा करना चाहिए साथ ही, साधक अपने जीवन के संघर्षों का सामना दृढ़ता से कर पाता है
    देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूपमां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप अत्यंत शांत और साधना में लीन है। उनके दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल होता है। यह तपस्या, शुद्धि, संयम और ध्यान का प्रतीक है। इनकी आराधना से विद्यार्थी, साधक और जो संयम जीवन की इच्छा रखते हैं, उन्हें विशेष लाभ मिलता है। देवी सफेद वस्त्र धारण करती हैं और उनका वाहन गाय है, जो शांति और सादगी का प्रतीक है
    पूजा विधिब्राह्ममुहूर्त से लेकर अभिजित और संध्या मुहूर्त तक मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। साफ स्थान पर मां की प्रतिमा स्थापित कर, जल, रोली, अक्षत, पुष्प आदि अर्पित किए जाते हैं। भोग के रूप में मिश्री और पंचामृत अर्पित कर, देवी के मंत्रों का जाप और आरती की जाती है
    इस प्रकार, दुर्गा पूजा के दूसरे दिन का पूरा इतिहास, धार्मिक महत्व और पूजन परंपरा भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखती है, जो संयम, तप और साधना की प्रेरणा देती है

  • पलामू उपयुक्त ने ट्विटर के माध्यम से हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की है

    इस आदेश में खास तौर पर सभी एमओआईसी (मुख्य चिकित्सा अधिकारियों) को निर्देश दिया गया है कि वे बिना उचित कारण एमएमसीएच (मध्य मेडीकल कॉलेज हॉस्पिटल) में मरीजों को रेफर करने से बचें। इसका उद्देश्य मरीजों को असुविधा से बचाना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना उपयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों का निरीक्षण कर उनके कामकाज में तेजी और प्रभावशीलता लाने पर जोर दिया है। यह कदम अस्पतालों में मरीजों की संख्या को संतुलित करने और अतिरेक की समस्या को खत्म करने के लिए उठाया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्यकेंद्र के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मरीजों की जाँच और इलाज की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए बेहतर योजना बनाएं ताकि अनावश्यक रेफरेंस से बचा जा सके।इस आदेश से यह साफ होता है कि स्वास्थ्य विभाग में न्यूनतम संसाधनों के प्रभावी उपयोग और मरीजों को बेहतर सेवा देने को प्राथमिकता दी जा रही है। मरीजों को सिर्फ तभी दूसरे अस्पताल में भेजा जाए जब उनकी सही जांच हो और वहाँ इलाज के लिए आवश्यक सुविधाएँ हों। इससे न केवल मरीजों की असुविधा कम होगी, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और भी अधिक व्यवस्थित होगी।इस आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग और जिम्मेदार बने रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पलामू क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इस प्रकार यह कदम स्वास्थ्य सेवा के स्तर को बढ़ाने और मरीजों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण पहल है।

  • इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना

    सतबरवा (पलामू): वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के निर्देशानुसार बकोरिया पंचायत भवन में पंचायत स्तर पर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए एक दिवसीय संतृप्त शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य की ग्रामीण समुदाय को बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना तथा निष्क्रिय खातों को पुनः सक्रिय करना शिविर का आयोजन झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक बकोरिया की सक्रिय सहयोगी भूमिका और अग्रगति के सीएफएल कोऑर्डिनेटर सुनील कुमार के नेतृत्व में संपन्न किया गया ।शिविर के दौरान प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के अंतर्गत बंद खातों का पुनः केवाईसी (Know Your Customer) किया गया, जिससे कई खाताधारकों को लाभ मिल सके। इसके साथ ही नए खाते खोलने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में नामांकन कराने और खातों में नॉमिनी जोड़ने की सुविधा भी प्रदान की गई। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी गई।इस अवसर पर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और अटल पेंशन योजना (APY) के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। सीएफएल कोऑर्डिनेटर सुनील कुमार तथा बैंक के एफएलसी कमलेश कुमार मिश्रा ने

    बताया कि ये बीमा और पेंशन योजनाएं ग्रामीण परिवारों को कम खर्च में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती हैं। उन्होंने अटल पेंशन योजना को विशेष रूप से वृद्धावस्था में सहारा देने वाली महत्वपूर्ण योजना बताया, जो पेंशन सुविधा का लाभ सुनिश्चित करती है।झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक बकोरिया के शाखा प्रबंधक सुरेंद्र कुमार राम और सीएसपी संचालक जेएसएलपीएस के कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर विनोद कुमार पाठक भी इस शिविर में उपस्थित रहे। वहीं, सीएफएल प्रशिक्षक पिंटू कुमार ने बीमा व पेंशन योजनाओं से जुड़े फॉर्म भरने में ग्रामीणों की सहायता की। शिविर में कुल 26 निष्क्रिय खातों के लिए री-केवाईसी आवेदन प्राप्त हुए, जबकि कई ग्रामीणों ने बीमा और पेंशन योजनाओं में नामांकन भी करवाया।ग्रामीणों ने इस पहल को सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर से बैंकिंग सेवाएं अब पंचायत स्तर तक सुलभ हो रही हैं। इससे गरीब और पिछड़े परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उठाने में सक्षम हो रहे हैं। वे चाहते हैं कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता एवं समावेशन शिविर गांव-गांव में आयोजित किए जाएं ताकि वित्तीय सेवाओं की पहुंच और भी व्यापक हो सके।इस सांकेतिक शिविर से यह स्पष्ट हुआ कि सही दिशा में उठाए गए छोटे कदम भी ग्रामीण आर्थिक समावेशन को मजबूत कर सकते हैं। इससे ना केवल बैंकिंग प्रणाली में विश्वसनीयता बढ़ती है, बल्कि आर्थिक सुरक्षा के साधन भी ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचते हैं। वित्तीय समावेशन से जुड़ी यह पहल स्थानीय स्तर पर सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन रही है।यह शिविर ग्रामीणों को वित्तीय जागरूकता प्रदान करने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में सहायक साबित हुआ। आगे भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक समेत अन्य संस्थाें का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों को मजबूत आर्थिक आधार प्रदान करना रहेगा।

  • गरीबी और बेबसी ने मजबूर किया, बीस साल रहने के बाद भी नहीं मिला सरकारी लाभ तो दंपति ने, 50 हजार में बेचा बच्चा को,क्या कारण था देखिए खास रिपोर्ट

    पलामू जिला के लेस्लीगंज थाना अंतर्गत लोटवा में मिर्जापुर निवासी ससुराल लेस्लीगंज लोटवां मे एक गरीब दंपति की बेबसी और गरीबी ने इंसानियत को झकझोर दिया।

    गरीबी ने सताया तो इलाज के लिए पैसे की कमी के कारण परेशान दंपति ने मजबूरी में अपने मासूम दुधवा बच्चे को 50 हजार रुपये में बेच कर कराईं दवा , यह मामला सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गईपरिवार लंबे समय से ससुराल में रह कर बच्चे और सास के सेवा कर रहा था लेकिन कच्चा घर को गिरने से झोपड़ लगाना मजबूर कर दिया झोपड़ में रहने के बाद भी बरसात ने झोपड़ को गोद में लिया तो रहने में हो गया विवश तो देवी मंडप पड़ाव को ही अपना आवास मानकर वहीं गुजर-बसर कर रहा था। गरीबी, बीमारी और तंगहाली ने उनके जीवन को इतना झकझोर दिया कि उन्हें अपने ही कलेजे के टुकड़े को बेचने का खयाल आ गया। ओर उसने अपने कलेजे के टुकड़ों को बेच डाला 50 हजार में

    आखिर जब उनकी व्यथा मीडिया तक पहुंची और खबर प्रकाशित हुई, तो माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तुरंत संज्ञान लिया।और संज्ञान में तुरंत x ट्विटर हैंडल पर मुख्यमंत्री ने पलामू उपायुक्त को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। आदेश मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और सहायता की व्यवस्था की गई। कुछ ही समय में दंपति को राहत प्रदान की गई और उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई।लेकिन सवालों के घेरे में सरकारी तंत्र यह घटना केवल एक गरीब परिवार की मजबूरी की कहानी नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की पोल खोलती है। आखिर क्यों किसी गरीब परिवार को यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा? जब तक मामला मीडिया में नहीं आया, तब तक प्रशासन और सरकारी योजनाएँ कहां सो रही थीं? सवाल का जवाब कौन देगा हलाके यही तक बात नहीं बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। की गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं और इलाज के लिए योजनाओं का दावा किया जाता है, फिर भी एक गरीब परिवार इलाज के अभाव में अपने बच्चे को बेचने जैसा कदम केव उठाना पड़ा रहा है। यह केवल आर्थिक तंगी का नहीं, बल्कि व्यवस्था की नाकामी का भी प्रमाण हैइसी तरह आवास योजना पर भी सवाल उठ रहे हैं?। वर्षों से देवी मंडप को छत मानकर जीवन जी रहे इस परिवार को अब तक आवास योजना का लाभ क्यों नहीं मिला? क्या योजनाएँ केवल कागजों पर चल रही हैं और असल लाभार्थी उसके लिए तरसते रह जाते है क्या कारण ओर इसके लिए कौन है जिम्मेवार जनता का भरोसा कब होगा मजबूत? राज्य सरकार द्वारा जनता को हर बुनियादी सुविधा देने का आश्वासन लगातार दिया जाता है। लेकिन जब तक ऊपर से आदेश जारी नहीं होता है तब तक सरकारी तंत्र का पहिया घूमता ही नहींजनता सवाल पूछ रही है कि क्या प्रशासन सिर्फ तब सक्रिय होगा जब खबरें मीडिया में हंगामा खड़ा करेंगी? कौन देगा जवाब यह मामला प्रशासनिक सतर्कता, नीति-निर्धारण और जमीनी हकीकत को लेकर कई गंभीर सवाल छोड़ता है। गरीब परिवार की बेबसी को राहत तो मिल गई, लेकिन यह घटना एक आईना है कि व्यवस्था में कितनी खामियां हैं और आम आदमी अब भी कितनी मजबूरियों से जूझ रहा है। यह स्पष्ट प्रमाण के रूप में मामला है आप अपना राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे

  • पलामू जिला में झारखंड प्रदेश विश्वकर्मा समाज के अहम बैठक सम्पन्न

    1 सितम्बर 2025, सोमवार को छः मुहान स्थित स्वागत होटल में झारखंड प्रदेश विश्वकर्मा समाज के बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विनोद शर्मा ने की, जबकि संचालन जिला महासचिव उमेश शर्मा ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित देवराज शर्मा उपस्थित रहे।संगठन की मजबूती को लेकर नए निर्णय

    बैठक में हाल में नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों का प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान आचार्य पंडित महेश्वर शर्मा को प्रदेश संरक्षक, पंडित देवराज शर्मा को प्रदेश उपाध्यक्ष, डोमन शर्मा और अनिल शर्मा को प्रदेश महासचिव, सुनील शर्मा को प्रदेश सचिव, स्वर्गजीत शर्मा एवं कृष्ण शर्मा को प्रदेश संयुक्त सचिव, भोला प्रसाद को प्रदेश संगठन सचिव, श्री विजय विश्वकर्मा को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, बिनोद शर्मा को जिला अध्यक्ष (पलामू), उमेश शर्मा को जिला महासचिव (पलामू) तथा नन्दलाल विश्वकर्मा को जिला कोषाध्यक्ष (पलामू) के रूप में प्रमाण पत्र दिया गया। सभा में उपस्थित सभी प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित करते हुए समाज के सर्वांगीण विकास और संगठन को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता जताई गई।प्रमुख चर्चा और आगामी योजनाएं
    बैठक में समाज के उत्थान, युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा में सहयोग, और आपसी समन्वय को मजबूत करने के विषयों पर भी समग्र विमर्श हुआ।बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की एकजुटता और मजबूती को लेकर रणनीतियों पर चर्चा करना था। पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में पलामू जिला कमेटी समाजहित में लगातार कार्यरत रहेगी। सभी सदस्यों ने आपसी एकता और समाज की मजबूती के लिए मिलकर काम करने की शपथ ली।यह बैठक पलामू जिला में विश्वकर्मा समाज के संगठन को नए उत्साह और जोश के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।सम्मान समारोह में विशेष उपस्थिति
    इस अवसर पर विश्वकर्मा समाज के कई प्रमुख सदस्य—निरंजन कुमारा शर्मा, अक्षय शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, संजीत शर्मा, प्रदीप शर्मा, जय प्रकाश शर्मा, शिव प्रसाद शर्मा, ॐ प्रकाश शर्मा, रविन्द्र शर्मा, आनंद किशोर शर्मा, मनोज विश्वकर्मा, दिनेश शर्मा, राजेश, मिथलेश शर्मा समेत सभी समाज बंधु उपस्थित रहे।

  • थाना दिवस 27 अगस्त को, भूमि विवादों के त्वरित निष्पादन पर रहेगा जोर

    तरहसी (पलामू) : थाना प्रभारी आनंद राम की पहल पर तरहसी थाना परिसर में आगामी 27 अगस्त, बुधवार को थाना दिवस का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से प्रारंभ होगा। थाना प्रभारी ने बताया कि इस विशेष अवसर पर क्षेत्र के लंबित भूमि विवादों और आपसी झगड़ों के त्वरित निष्पादन को प्राथमिकता दी जाएगी। उनका कहना है कि अक्सर मामूली जमीन-जायदाद के विवाद आपसी रिश्तों में तनाव का कारण बन जाते हैं और कई बार गंभीर रूप भी ले लेते हैं।इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि थाना दिवस के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी और अंचलाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। इससे न केवल जमीन संबंधी शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान संभव होगा, बल्कि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी।थाना प्रभारी आनंद राम ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपने विवाद या समस्याएं लेकर थाना दिवस के अवसर पर आएं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासनिक पहल से न्याय सुनिश्चित होगा और आमजन को राहत मिलेगी।गांवों में भूमि विवाद लंबे समय से बड़ी समस्या बने हुए हैं। ऐसे मामलों के निपटारे में देरी से जहां लोगों की परेशानियां बढ़ती हैं, वहीं सामाजिक सौहार्द भी प्रभावित होता है। थाना दिवस के जरिए प्रशासन का उद्देश्य आपसी समन्वय के साथ विवादों को समय पर खत्म करना है।

  • 24 अगस्त को कई इलाकों में बाधित रहेगी बिजली आपूर्ति

    मेदिनीनगर। रविवार, 24 अगस्त 2025 को मेदिनीनगर शहरी क्षेत्र के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति निर्धारित समय पर बाधित रहेगी। यह बाधा विद्युत विभाग द्वारा रखरखाव कार्य और पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई के कारण की जाएगी। सहायक विद्युत अभियंता, विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल डालटनगंज (शहरी) ने इसकी पुष्टि की है।जानकारी के अनुसार, बिजली आपूर्ति को दो चरणों में रोका जाएगा। पहले चरण में सुबह 10 बजे से अपराह्न 1 बजे तक जीएलए-10 फीडर, हाउसिंग फीडर, रेड़मा फीडर और जमुने फीडर से जुड़े क्षेत्रों की बिजली काटी जाएगी। इस दौरान 33/11 केवी पावर सब स्टेशन पर रखरखाव और लाइन के आसपास लगे पेड़-पौधों की छंटाई का कार्य किया जाएगा। प्रथम चरण में प्रभावित क्षेत्रों में हाउसिंग कॉलोनी, वारालोट, जीएलए-10 कॉलेज, रेड़मा चौक, सुरेश सिंह चौक, श्रीराम पथ, परशुराम नगर, सरसंग मंदिर और 02 नंबर टाउन इस्टेट शामिल होंगे।वहीं, दूसरे चरण में अपराह्न 2 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान बाजार फीडर, हॉस्पिटल फीडर और डीडीओ कैडेट फीडर से जुड़े क्षेत्रों में कार्य किया जाएगा। प्रभावित क्षेत्रों में कुंदन मुहल्ला, पहाड़ी मुहल्ला, मुस्लिम नगर, पनरी गली, बाजार क्षेत्र, छःमुहान, अरुण शुक्ला रोड, शिवाला रोड, बस स्टैंड, शिवाजी मैदान, हॉस्पिटल रोड और कन्ही राम चौक शामिल हैं।विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय में आवश्यक कार्य निपटा लें, ताकि उन्हें असुविधा न हो। विभाग का कहना है कि इस रखरखाव कार्य से विद्युत आपूर्ति को और अधिक सुचारु व सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

  • खाद की कालाबाजारी पर सख्ती, निर्धारित दर से ज्यादा कीमत लेने पर होगी कार्रवाई – एसडीओ

    हुसैनाबाद (पलामू) : किसानों की मेहनत से खेतों में धान की फसल लहलहा रही है, लेकिन खाद की कालाबाजारी ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। किसानों का आरोप है कि कई दुकानदार कृत्रिम किल्लत दिखाकर खाद गोदामों में छिपा रहे हैं और उसे ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं। इफको डीएपी खाद, जिसका अधिकतम मूल्य 1350 रुपये है, उसे 1700 रुपये में बेचा जा रहा है। वहीं, यूरिया खाद 266.50 रुपये की जगह 350 से 400 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। इस शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए हुसैनाबाद अनुमंडलाधिकारी सह आईएएस ओमप्रकाश गुप्ता ने गुरुवार को चार खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में अनियमितताएं पाई गईं। एसडीओ ने साफ चेतावनी दी कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने वाले विक्रेताओं पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दें।इससे एक दिन पहले प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार वर्मा और दंडाधिकारी आनंद झा ने भी दुकानों की जांच कर दुकानदारों को चेतावनी दी थी। व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा बैठा ने जानकारी दी कि जल्द ही डाल्टनगंज से खाद की खेप पहुंचने पर क्षेत्र में किल्लत दूर हो जाएगी

  • तरहसी पदमा मुख्य पद पर भीषण सड़क हादसा बाराती 4 की मौत, 16 घायल

    तरहसी (पलामू), थाना क्षेत्र अंतर्गत वेदानी से पदमा मुख्य पथ बरहकुरुआ में बुधवार की रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब मनातू प्रखंड के चुनका गांव से सतबरवा के बोहिता गांव में बारात जा रही थी दो गाड़ी आमने सामने से टकर हो गई जो गाड़ी की पहचान डीजे वाहन तथा दूसरी सवारी गाड़ी टकर गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डिजी गाड़ी में ओवर एंगल से डीजे सिस्टम लगा हुआ था। एंगल की टक्कर से सवारी गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी में सवार कई लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।बारात चुनका गांव के पसिया टोला से सतबरवा के बोहिता गांव जा रही थी। हादसे के वक्त गाड़ी में दूल्हे के रिश्तेदार और दोस्त सवार थे। यह दुर्घटना रात करीब 10 बजे हुई।घटना की सूचना मिलते ही तरहसी थाना प्रभारी नीरज कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को पहले तरहसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से गंभीर स्थिति में उन्हें मेदनीनगर स्थित सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनकी पहचान मनातू थाना क्षेत्र के नावा चुनका गांव के विकेश कुमार सिंह, चंदन कुमार सिंह, विकास कुमार सिंह और एक अन्य विकेश कुमार सिंह के रूप में हुई है। इनकी मेदिनीनगर लेगने के दौरान रास्ते में मौत हो गई।वहीं गंभीर रूप से घायल 10 लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है:पवन कुमार (16 वर्ष) बिट्टू कुमार (19 वर्ष)आनंद कुमार (14 वर्ष)संजय सिंह (36 वर्ष)मनोज कुमार सिंह (32 वर्ष)विवेक सिंह (24 वर्ष)पवन सिंह (22 वर्ष)कंचन कुमार (19 वर्ष)सुधीर कुमार (26 वर्ष) राजेश सिंह (25 वर्ष)इन सभी का इलाज फिलहाल मेदनीनगर सदर अस्पताल में चल रहा है, जहाँ कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया है। एक तरफ शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर यह घटना पूरे परिवार के लिए जीवनभर का गहरा जख्म छोड़ गई है।

  • ब्लू टूथ लगाकर चला रहा था मोटरसाइकिल, भरना पड़ा जुर्माना

    ब्लू टूथ लगाकर चला रहा था मोटरसाइकिल, भरना पड़ा जुर्माना


    मेदिनीनगर। स्थानीय रेडमा चौक पर आज वाहन चेकिंग का अभियान चलाया गया‌। जिस में यातायात पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान के दौरान चार पहिया व दोपहिया वाहनों की जांच की गई। जांच के क्रम में कई दोपहिया वाहन चालक ट्रिपल लोड, बगैर हेलमेट तथा बगैर लाइसेंस मोटरसाइकिल चलाते पकड़े गए। वही एक व्यक्ति कान में ब्लूटूथ लगाकर गाना सुनते हुए गाड़ी चलाते पकड़ा गया। यातायात प्रभारी समाल अहमद ने बताया कि पकड़े गए सभी 11 मोटरसाइकिल को जब्त कर शहर थाना परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया है। उन्होंने बताया कि कल रात में ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच के क्रम में दो मोटरसाइकिल चालकों को शराब पीकर वाहन चलाते पकड़ा गया है। पकड़े गए सभी वाहनों को जुर्माना के लिए पलामू जिला परिवहन कार्यालय भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि शराब पीकर पिकअप मालवाहक गाड़ी चला रहे चालक से 20,370 रुपया जुर्माना वसूल किया गया है।