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  • कृषि तकनीकी सूचना केंद्र तरहसी में बीज वितरण, किसानों में उत्साह

    तरहसी (पलामू)। तरहसी प्रखंड के कृषि तकनीकी सूचना केंद्र (एटीएमए) में सोमवार को किसानों के बीच उन्नत किस्म के रबी फसलों के बीजों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में चना, मक्का, गेहूं, राई तथा मसूर के बीज किसानों को उपलब्ध कराए गए। यह पहल कृषि विभाग की ओर से की गई है, जिसका उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराकर फसल उत्पादन बढ़ाना है।इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, जिनमें महेंद्र कुमार महतो, आनंद कुमार सिंह, देवेंद्र कुमार, रामरेखा सिंह, संजय सिंह, प्रमोद पासवान, दीपक कुमार, सोनू कुमार वर्मा, इंद्रदेव यादव तथा अरविंद राम प्रमुख रूप से मौजूद थे। किसानों को उनकी भूमि और आवश्यकताओं के अनुसार बीज दिए गए, ताकि वे समय पर बुआई कर सकें।कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी निलेश रंजन तिवारी और बीटीएम विनय कुमार सिंह उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों को वैज्ञानिक खेती, समय पर बुआई, जैव उर्वरकों के उपयोग और कीट प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बीटीएम विनय कुमार सिंह ने कहा कि कृषि विभाग किसानों को निरंतर तकनीकी सहयोग और संसाधन उपलब्ध करा रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता और आय दोनों में वृद्धि हो।प्रखंड कृषि पदाधिकारी निलेश रंजन तिवारी ने किसानों से अपील की कि वे मिट्टी परीक्षण अवश्य कराएं और उसके अनुसार उर्वरक का प्रयोग करें। किसानों ने बताया कि समय पर बीज उपलब्ध होने से उन्हें काफी राहत मिली है और अब वे तय समय पर बुआई कर सकेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी किसानों ने कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी योजनाएं किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हो रही हैं।

  • समय पर मिला चने का बीज, किसानों में खुशी की लहर

    लेस्लीगंज (पलामू): रबी फसल की तैयारी में जुटे किसानों के लिए इस बार अच्छी खबर है। सरकार की पहल पर कृषि विभाग की ओर से समय पर चना बीज वितरण शुरू कर दिया गया है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बुधवार को पिपरा खुर्द पंचायत के पहाड़ी कला गांव में प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) की देखरेख में दर्जनों किसानों के बीच उन्नत चना बीज बांटा गया।ब्रजेश सिंह, मंटू सिंह, सतेंद्र राम, विनय पासवान, सुरेंद्र ठाकुर और जयराम मिस्त्री समेत कई किसानों ने बताया कि पिछले वर्षों में बीज वितरण देर से होने के कारण बुवाई प्रभावित होती थी। इस बार समय से बीज मिलने के कारण किसान बिना विलंब के बुवाई कर पा रहे हैं, जिससे अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है।कृषि विभाग के बीटीएम ने बताया कि राज्य सरकार की कोशिश है कि हर किसान को उच्च गुणवत्ता वाले बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि क्षेत्र में कृषि उत्पादकता बढ़ सके। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि चना बुवाई से पहले बीज उपचार करना न भूलें और आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाएं, जिससे फसल रोगों से सुरक्षित रहे और अधिक उत्पादन मिले।मौके पर प्रखंड प्रमुख सुनील कुमार पासवान, जिला परिषद सदस्य विजय राम, किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष अजय पासवान तथा छोटू सिंह सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे। उपस्थित अधिकारियों ने किसानों को तकनीकी जानकारी दी और फसल विविधीकरण के प्रति जागरूक किया।इस कदम से लेस्लीगंज प्रखंड के किसानों में नई ऊर्जा और उम्मीद की लहर है

  • सांसद कालीचरण सिंह के प्रयास से हेहेगड़ा में फुटओवरब्रिज और मंगरा में अंडरपास का मिला मंजूरी

    बरवाडीह–छिपादोहर क्षेत्र की जनता के लिए रेल सुविधाओं से जुड़ी दो बड़ी खुशखबरियाँ आई हैं. लंबे समय से लंबित मांगों को अब मंजूरी मिल चुका है. एक ओर हेहेगड़ा और मंगरा हॉल्ट पर तीन मीटर चौड़ा फुटओवरब्रिज बनने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बरवाडीह और मंगरा रेलवे स्टेशन के बीच ग्राम मंगरा के समीप पोल संख्या 262/33–34 के बीच अंडरपास निर्माण को भी हरी झंडी मिल गई है. ज्ञात हो कि स्थानीय समस्याओं को लेकर पूर्वी जिला परिषद सदस्य सह भाजपा नेता कन्हाई सिंह लगातार सक्रिय रहे हैं. उन्होंने कई बार क्षेत्र की जनता की ओर से सांसद कालीचरण सिंह को आवेदन सौंपा और रेल सुविधाओं से जुड़ी दिक्कतों की ओर ध्यान आकर्षित कराया. इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप सांसद कालीचरण सिंह ने इन मुद्दों को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक पहुँचाया और सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराई.

    फुटओवरब्रिज का निर्माण होने से यात्रियों को होगी सुविधा : कन्हाई सिंह

    अब तक यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने के लिए पटरियों के बीच से गुजरना पड़ता था, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता था. इस समस्या को गंभीरता से उठाते हुए सांसद ने रेल अधिकारियों से लगातार संवाद किया. आखिरकार धनबाद रेल मंडल ने करीब साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से तीन मीटर चौड़ा फुटओवरब्रिज बनाने की मंजूरी दे दी है. यह परियोजना सुरक्षा श्रेणी में रखी गई है ताकि काम तेजी से पूरा हो सके. इसी तरह ग्राम मंगरा के समीप अंडरपास की मांग भी वर्षों से लंबित थी. कन्हाई सिंह ने इस विषय पर सांसद को ज्ञापन सौंपा था. इसके बाद सांसद कालीचरण सिंह ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर क्षेत्र की समस्या से अवगत कराया. रेल मंत्री ने इस पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्थल निरीक्षण और विस्तृत जांच का निर्देश दिया है. इससे ग्रामीणों को सुरक्षित और आसान आवागमन की सुविधा मिलेगी. स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने सांसद कालीचरण सिंह और जिप सदस्य कन्हाई सिंह को विशेष धन्यवाद दिया है. उनका कहना है कि लगातार संघर्ष और प्रयास का ही परिणाम है कि आज क्षेत्र को फुटओवरब्रिज और अंडरपास जैसी जीवन बदल देने वाली सुविधाएँ मिलने जा रही हैं।

  • इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना

    सतबरवा (पलामू): वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के निर्देशानुसार बकोरिया पंचायत भवन में पंचायत स्तर पर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए एक दिवसीय संतृप्त शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य की ग्रामीण समुदाय को बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना तथा निष्क्रिय खातों को पुनः सक्रिय करना शिविर का आयोजन झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक बकोरिया की सक्रिय सहयोगी भूमिका और अग्रगति के सीएफएल कोऑर्डिनेटर सुनील कुमार के नेतृत्व में संपन्न किया गया ।शिविर के दौरान प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के अंतर्गत बंद खातों का पुनः केवाईसी (Know Your Customer) किया गया, जिससे कई खाताधारकों को लाभ मिल सके। इसके साथ ही नए खाते खोलने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में नामांकन कराने और खातों में नॉमिनी जोड़ने की सुविधा भी प्रदान की गई। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी गई।इस अवसर पर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और अटल पेंशन योजना (APY) के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। सीएफएल कोऑर्डिनेटर सुनील कुमार तथा बैंक के एफएलसी कमलेश कुमार मिश्रा ने

    बताया कि ये बीमा और पेंशन योजनाएं ग्रामीण परिवारों को कम खर्च में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती हैं। उन्होंने अटल पेंशन योजना को विशेष रूप से वृद्धावस्था में सहारा देने वाली महत्वपूर्ण योजना बताया, जो पेंशन सुविधा का लाभ सुनिश्चित करती है।झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक बकोरिया के शाखा प्रबंधक सुरेंद्र कुमार राम और सीएसपी संचालक जेएसएलपीएस के कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर विनोद कुमार पाठक भी इस शिविर में उपस्थित रहे। वहीं, सीएफएल प्रशिक्षक पिंटू कुमार ने बीमा व पेंशन योजनाओं से जुड़े फॉर्म भरने में ग्रामीणों की सहायता की। शिविर में कुल 26 निष्क्रिय खातों के लिए री-केवाईसी आवेदन प्राप्त हुए, जबकि कई ग्रामीणों ने बीमा और पेंशन योजनाओं में नामांकन भी करवाया।ग्रामीणों ने इस पहल को सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर से बैंकिंग सेवाएं अब पंचायत स्तर तक सुलभ हो रही हैं। इससे गरीब और पिछड़े परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उठाने में सक्षम हो रहे हैं। वे चाहते हैं कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता एवं समावेशन शिविर गांव-गांव में आयोजित किए जाएं ताकि वित्तीय सेवाओं की पहुंच और भी व्यापक हो सके।इस सांकेतिक शिविर से यह स्पष्ट हुआ कि सही दिशा में उठाए गए छोटे कदम भी ग्रामीण आर्थिक समावेशन को मजबूत कर सकते हैं। इससे ना केवल बैंकिंग प्रणाली में विश्वसनीयता बढ़ती है, बल्कि आर्थिक सुरक्षा के साधन भी ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचते हैं। वित्तीय समावेशन से जुड़ी यह पहल स्थानीय स्तर पर सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन रही है।यह शिविर ग्रामीणों को वित्तीय जागरूकता प्रदान करने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में सहायक साबित हुआ। आगे भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक समेत अन्य संस्थाें का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों को मजबूत आर्थिक आधार प्रदान करना रहेगा।

  • गरीबी और बेबसी ने मजबूर किया, बीस साल रहने के बाद भी नहीं मिला सरकारी लाभ तो दंपति ने, 50 हजार में बेचा बच्चा को,क्या कारण था देखिए खास रिपोर्ट

    पलामू जिला के लेस्लीगंज थाना अंतर्गत लोटवा में मिर्जापुर निवासी ससुराल लेस्लीगंज लोटवां मे एक गरीब दंपति की बेबसी और गरीबी ने इंसानियत को झकझोर दिया।

    गरीबी ने सताया तो इलाज के लिए पैसे की कमी के कारण परेशान दंपति ने मजबूरी में अपने मासूम दुधवा बच्चे को 50 हजार रुपये में बेच कर कराईं दवा , यह मामला सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गईपरिवार लंबे समय से ससुराल में रह कर बच्चे और सास के सेवा कर रहा था लेकिन कच्चा घर को गिरने से झोपड़ लगाना मजबूर कर दिया झोपड़ में रहने के बाद भी बरसात ने झोपड़ को गोद में लिया तो रहने में हो गया विवश तो देवी मंडप पड़ाव को ही अपना आवास मानकर वहीं गुजर-बसर कर रहा था। गरीबी, बीमारी और तंगहाली ने उनके जीवन को इतना झकझोर दिया कि उन्हें अपने ही कलेजे के टुकड़े को बेचने का खयाल आ गया। ओर उसने अपने कलेजे के टुकड़ों को बेच डाला 50 हजार में

    आखिर जब उनकी व्यथा मीडिया तक पहुंची और खबर प्रकाशित हुई, तो माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तुरंत संज्ञान लिया।और संज्ञान में तुरंत x ट्विटर हैंडल पर मुख्यमंत्री ने पलामू उपायुक्त को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। आदेश मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और सहायता की व्यवस्था की गई। कुछ ही समय में दंपति को राहत प्रदान की गई और उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई।लेकिन सवालों के घेरे में सरकारी तंत्र यह घटना केवल एक गरीब परिवार की मजबूरी की कहानी नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की पोल खोलती है। आखिर क्यों किसी गरीब परिवार को यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा? जब तक मामला मीडिया में नहीं आया, तब तक प्रशासन और सरकारी योजनाएँ कहां सो रही थीं? सवाल का जवाब कौन देगा हलाके यही तक बात नहीं बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। की गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं और इलाज के लिए योजनाओं का दावा किया जाता है, फिर भी एक गरीब परिवार इलाज के अभाव में अपने बच्चे को बेचने जैसा कदम केव उठाना पड़ा रहा है। यह केवल आर्थिक तंगी का नहीं, बल्कि व्यवस्था की नाकामी का भी प्रमाण हैइसी तरह आवास योजना पर भी सवाल उठ रहे हैं?। वर्षों से देवी मंडप को छत मानकर जीवन जी रहे इस परिवार को अब तक आवास योजना का लाभ क्यों नहीं मिला? क्या योजनाएँ केवल कागजों पर चल रही हैं और असल लाभार्थी उसके लिए तरसते रह जाते है क्या कारण ओर इसके लिए कौन है जिम्मेवार जनता का भरोसा कब होगा मजबूत? राज्य सरकार द्वारा जनता को हर बुनियादी सुविधा देने का आश्वासन लगातार दिया जाता है। लेकिन जब तक ऊपर से आदेश जारी नहीं होता है तब तक सरकारी तंत्र का पहिया घूमता ही नहींजनता सवाल पूछ रही है कि क्या प्रशासन सिर्फ तब सक्रिय होगा जब खबरें मीडिया में हंगामा खड़ा करेंगी? कौन देगा जवाब यह मामला प्रशासनिक सतर्कता, नीति-निर्धारण और जमीनी हकीकत को लेकर कई गंभीर सवाल छोड़ता है। गरीब परिवार की बेबसी को राहत तो मिल गई, लेकिन यह घटना एक आईना है कि व्यवस्था में कितनी खामियां हैं और आम आदमी अब भी कितनी मजबूरियों से जूझ रहा है। यह स्पष्ट प्रमाण के रूप में मामला है आप अपना राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे

  • 24 अगस्त को कई इलाकों में बाधित रहेगी बिजली आपूर्ति

    मेदिनीनगर। रविवार, 24 अगस्त 2025 को मेदिनीनगर शहरी क्षेत्र के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति निर्धारित समय पर बाधित रहेगी। यह बाधा विद्युत विभाग द्वारा रखरखाव कार्य और पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई के कारण की जाएगी। सहायक विद्युत अभियंता, विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल डालटनगंज (शहरी) ने इसकी पुष्टि की है।जानकारी के अनुसार, बिजली आपूर्ति को दो चरणों में रोका जाएगा। पहले चरण में सुबह 10 बजे से अपराह्न 1 बजे तक जीएलए-10 फीडर, हाउसिंग फीडर, रेड़मा फीडर और जमुने फीडर से जुड़े क्षेत्रों की बिजली काटी जाएगी। इस दौरान 33/11 केवी पावर सब स्टेशन पर रखरखाव और लाइन के आसपास लगे पेड़-पौधों की छंटाई का कार्य किया जाएगा। प्रथम चरण में प्रभावित क्षेत्रों में हाउसिंग कॉलोनी, वारालोट, जीएलए-10 कॉलेज, रेड़मा चौक, सुरेश सिंह चौक, श्रीराम पथ, परशुराम नगर, सरसंग मंदिर और 02 नंबर टाउन इस्टेट शामिल होंगे।वहीं, दूसरे चरण में अपराह्न 2 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान बाजार फीडर, हॉस्पिटल फीडर और डीडीओ कैडेट फीडर से जुड़े क्षेत्रों में कार्य किया जाएगा। प्रभावित क्षेत्रों में कुंदन मुहल्ला, पहाड़ी मुहल्ला, मुस्लिम नगर, पनरी गली, बाजार क्षेत्र, छःमुहान, अरुण शुक्ला रोड, शिवाला रोड, बस स्टैंड, शिवाजी मैदान, हॉस्पिटल रोड और कन्ही राम चौक शामिल हैं।विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय में आवश्यक कार्य निपटा लें, ताकि उन्हें असुविधा न हो। विभाग का कहना है कि इस रखरखाव कार्य से विद्युत आपूर्ति को और अधिक सुचारु व सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

  • खाद की कालाबाजारी पर सख्ती, निर्धारित दर से ज्यादा कीमत लेने पर होगी कार्रवाई – एसडीओ

    हुसैनाबाद (पलामू) : किसानों की मेहनत से खेतों में धान की फसल लहलहा रही है, लेकिन खाद की कालाबाजारी ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। किसानों का आरोप है कि कई दुकानदार कृत्रिम किल्लत दिखाकर खाद गोदामों में छिपा रहे हैं और उसे ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं। इफको डीएपी खाद, जिसका अधिकतम मूल्य 1350 रुपये है, उसे 1700 रुपये में बेचा जा रहा है। वहीं, यूरिया खाद 266.50 रुपये की जगह 350 से 400 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। इस शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए हुसैनाबाद अनुमंडलाधिकारी सह आईएएस ओमप्रकाश गुप्ता ने गुरुवार को चार खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में अनियमितताएं पाई गईं। एसडीओ ने साफ चेतावनी दी कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने वाले विक्रेताओं पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दें।इससे एक दिन पहले प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार वर्मा और दंडाधिकारी आनंद झा ने भी दुकानों की जांच कर दुकानदारों को चेतावनी दी थी। व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा बैठा ने जानकारी दी कि जल्द ही डाल्टनगंज से खाद की खेप पहुंचने पर क्षेत्र में किल्लत दूर हो जाएगी

  • तरहसी पदमा मुख्य पद पर भीषण सड़क हादसा बाराती 4 की मौत, 16 घायल

    तरहसी (पलामू), थाना क्षेत्र अंतर्गत वेदानी से पदमा मुख्य पथ बरहकुरुआ में बुधवार की रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब मनातू प्रखंड के चुनका गांव से सतबरवा के बोहिता गांव में बारात जा रही थी दो गाड़ी आमने सामने से टकर हो गई जो गाड़ी की पहचान डीजे वाहन तथा दूसरी सवारी गाड़ी टकर गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डिजी गाड़ी में ओवर एंगल से डीजे सिस्टम लगा हुआ था। एंगल की टक्कर से सवारी गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी में सवार कई लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।बारात चुनका गांव के पसिया टोला से सतबरवा के बोहिता गांव जा रही थी। हादसे के वक्त गाड़ी में दूल्हे के रिश्तेदार और दोस्त सवार थे। यह दुर्घटना रात करीब 10 बजे हुई।घटना की सूचना मिलते ही तरहसी थाना प्रभारी नीरज कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को पहले तरहसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से गंभीर स्थिति में उन्हें मेदनीनगर स्थित सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनकी पहचान मनातू थाना क्षेत्र के नावा चुनका गांव के विकेश कुमार सिंह, चंदन कुमार सिंह, विकास कुमार सिंह और एक अन्य विकेश कुमार सिंह के रूप में हुई है। इनकी मेदिनीनगर लेगने के दौरान रास्ते में मौत हो गई।वहीं गंभीर रूप से घायल 10 लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है:पवन कुमार (16 वर्ष) बिट्टू कुमार (19 वर्ष)आनंद कुमार (14 वर्ष)संजय सिंह (36 वर्ष)मनोज कुमार सिंह (32 वर्ष)विवेक सिंह (24 वर्ष)पवन सिंह (22 वर्ष)कंचन कुमार (19 वर्ष)सुधीर कुमार (26 वर्ष) राजेश सिंह (25 वर्ष)इन सभी का इलाज फिलहाल मेदनीनगर सदर अस्पताल में चल रहा है, जहाँ कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया है। एक तरफ शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर यह घटना पूरे परिवार के लिए जीवनभर का गहरा जख्म छोड़ गई है।

  • स्वच्छ भारत मिशन 2 के  तहत “छुपी तोड़ो” अभियान को लेकर प्रखंड स्तरीय बैठक संपन्न

    स्वच्छ भारत मिशन 2 के तहत “छुपी तोड़ो” अभियान को लेकर प्रखंड स्तरीय बैठक संपन्न

    तरहसी पलामूः – प्रखंड सभागार में गुरुवार को “छुपी तोड़ो” अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस आयोजन का अध्यक्षता अंचल अधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) बालेश्वर राम ने की। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन 2 (ग्रामीण) के अंतर्गत माहवारी सुरक्षा प्रबंधन जैसे संवेदनशील और आवश्यक विषय पर विस्तार से चर्चा हुई।बैठक में बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन 2 के अंतर्गत माहवारी सुरक्षा प्रबंधन को एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में शामिल किया गया है। इस पहल के माध्यम से किशोरी बालिकाओं और महिलाओं के बीच माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर उन्हें सुरक्षित एवं स्वच्छ विकल्पों की जानकारी देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।बीडीओ बालेश्वर राम ने कहा कि “समाज में माहवारी जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा नहीं की जाती है, जिससे अनेक स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। ‘छुपी तोड़ो’ जैसे अभियान इस दिशा में एक सकारात्मक पहल हैं, जो ना केवल जागरूकता फैलाते हैं बल्कि व्यवहार में बदलाव लाने का भी काम करते हैं।”इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों को माहवारी अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान हेतु “भस्मक” (इंसिनरेटर) तकनीकी मॉडल की जानकारी दी गई। बताया गया कि विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में भस्मक स्थापित कर अपशिष्ट का सुरक्षित तरीके से निपटान किया जा सकेगा। बैठक में भस्मक का एक तकनीकी मॉडल डिजाइन और उसका प्रारूप प्रस्तुत किया गया, जिसे सभी प्रमंडलों को उपलब्ध कराया गया है।प्रखंड स्तर पर इस मॉडल के सफल कार्यान्वयन हेतु विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करने की रूपरेखा भी तय की गई। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि स्कूलों और पंचायतों के सहयोग से इस अभियान को व्यापक स्तर पर लागू किया जाए।बीडीओ ने कहा कि समुदाय और संस्थान दोनों स्तरों पर भस्मक स्थापित किए जाएंगे ताकि माहवारी के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट को सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जा सके। छुपी तोड़ो” अभियान, समाज में जागरूकता और बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम है।

  • लाभुक क्षेत्र से बाहर बना रहे हैं आंगनबाड़ी का निर्माण ग्रामीणों ने जताया विरोध

    लाभुक क्षेत्र से बाहर बना रहे हैं आंगनबाड़ी का निर्माण ग्रामीणों ने जताया विरोध

    शमशान घाट पर शमशान भवन नहीं आंगनबाड़ी का निर्माण

    तरहसी प्रखंड के अंतर्गत उदयपुरा वन पंचायत के मटपूरही गांव में सैकड़ो लोगों ने पुराना श्मशान घाट पर खड़ा हो कर बना रहे आंगनबाड़ी केंद्र के विरोध जताया कहा कि बाल विकास परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी का निर्माण विकास क्षेत्र से बाहर हो रहा है आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण के लिए भाजपा नेता मंडल मंत्री अनिल सिंह व उदयपुरा वन पंचायत के मुखिया महेंद्र पासवान सहित सैकड़ो ग्रामीण ने बताया कि मटपुरी गांव में पुराना शमशान घाट पर आंगनबाड़ी का निर्माण हो रहा है जिससे बच्चा जाना तो दूर के बात है अभिभावक को सड़क पार कर के जाने में रूह कप जाता है तरहसी पदुमा मुख्य पथ पर भारी वाहन आवा गमन के कारण बच्चों को अभिभावक कैसे भेजेंगे जब आंगनबाड़ी नींव का गढ़ा खोदा जा रहा है तब हम लोगों को पता चला कि विकास क्षेत्र से बाहर आंगनबाड़ी का निर्माण हो रहा है यह बहुत दुर्भाग्य के बात है कि लोगों को बिना जाने हुए आंगनबाड़ी भवन का श्मशान घाट पर निर्माण हो रहा है

    मुखिया महेंद्र पासवान का कहना है कि हम मुखिया हैं फिर हमें भी तो पता होना चाहिए कि मटपूरही में आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण विकास क्षेत्र में हो रहा है या नहीं इस विषय में तरहसी प्रखंड के अंचल सह प्रखंड विकास पदाधिकारी बालेश्वर राम से दूरभाष के माध्यम से बात की गई तो बालेश्वर राम का कहना है कि एक दिन का समय दे रहे हैं स्थल को चैन कर के सूचित करे! चाहे गरमजरूआ जमीन हो या रैयती जमीन सत्यापित करके हमें आवेदन को सौंपे
    मौके पर उपस्थित रहे
    अशोक कुमार, बच्चन साहू ,आशीष साहू ,सुनील पांडे ,जगन्नाथ साहू, रविंद्र राम, बंधु राम, मनोज राम, मधु देवी, तुला देवी रीना देवी ,सुनीता देवी ,प्रतिमा देवी ,सैकड़ो लोग मौजूद रहे
    अब देखना दिलचस्प यह होगा की खबर छपने के बाद स्थल परिवर्तन होता है या नहीं