Category: बड़ी खबर

  • वारदात: अंधविश्वास की बलि चढ़ा एक परिवार की तीन सदस्य

    ,एक कुल्हाड़ी से ट्रिपल मर्डर

    झारखंड के पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसडी गांव में शनिवार देर रात एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से कुल्हाड़ी (टांगी) से काटकर हत्या कर दी गई, जबकि परिवार का एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह खूनी वारदात ओझा-गुणी और डायन के शक से जुड़े है अंधविश्वास के विवाद में अंजाम दी गई। बताया जा रहा है कि आरोपी हमलावर ने आवेश में आकर टांगी उठाई और परिवार के सदस्यों पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी है घटना की सूचना मिलते ही पांकी थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। और पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। आरोपी की पहचान, घटना के पीछे की सटीक वजह और आपसी विवाद के बिंदुओं को खंगाला जा रहा है। ग्रामीणों से पूछताछ भी की जा रही है।यह घटना न सिर्फ पलामू बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। आज़ादी के इतने वर्षों बाद और विज्ञान व तकनीक के इस युग में भी अंधविश्वास और गलत सोच के कारण ऐसी निर्मम हत्याएं होना बेहद चिंताजनक है। जरूरत है जागरूकता, शिक्षा और सामाजिक सोच में बदलाव की, ताकि भविष्य में ऐसी दिल दहलाने वाली घटनाओं को रोका जा सके।

  • नीलम दीदी के जन्मभूमि मनातू गढ़ में शिव को जगतगुरु मानने की आध्यात्मिक अवधारणा पर हुआ विराट आयोजन

    यशवंत शर्मा (पलामू) नीलम दीदी जन्मभूमि मनातू में शिव शिष्य परिवार के तत्वावधान में भव्य शिव गुरु महोत्सव का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन का उद्देश्य भगवान शिव को जगतगुरु के रूप में स्थापित करते हुए प्रत्येक मानव को शिव की शिष्यता से जोड़ने की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाना।शिव महोत्सव में बताया गया कि शिव के गुरु स्वरूप से जुड़ने के लिए किसी प्रकार की पारंपरिक दीक्षा,कर्मकांड या औपचारिकता की आवश्यकता नहीं है।

    केवल यह भाव कि शिव मेरे गुरु हैं।यही शिव शिष्यता की शुरुआत है।और इसी भाव का स्थायी होना व्यक्ति को शिव का शिष्य बनाता है।महोत्सव में दीदी नीलम आनंद के जीवन और तपस्वी साधना का विशेष उल्लेख किया गया।घने जंगलों में पली-बढ़ी,संस्कारों में हिमालय की दृढ़ता और ममत्व में यमुना की गहराई लिए उन्होंने शिव शिष्यता की इस अवधारणा को संतान की भांति सीचा-सवारा। नीलम दीदी का उनका जन्म 27 जुलाई 1952 को नागपंचमी के दिन मनातू गांव में हुआ था।और 22 मई 1972 को साहब हरीन्द्रानंद के साथ उनका विवाह सम्पन्न हुआ।साहब हरीन्द्रानंद जी का जन्म 31 अक्टूबर 1948 को सिवान जिले के अमलोरी ग्राम में हुआ था।उन्होंने 1974 में भगवान शिव को अपना गुरु स्वीकार किया।और 1980 के दशक तक शिव शिष्यता की अवधारणा देश के विभिन्न भागों में व्यापक रूप से फैलने लगी।साहब का अनुभूत सत्य है कि गुरु शिव हैं।और सम्पूर्ण मानव सृष्टि शिष्य है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिव शिष्या बरखा आनंद ने कहा कि “भगवान शिव की शिष्यता ही मानव अभ्युदय का एकमात्र विकल्प है।शिव शिष्य अर्चित आनंद आप्त सचिव,साहब हरीन्द्रानंद ने इसे पूर्णतःआध्यात्मिक अवधारणा बताते हुए कहा कि शिव शिष्य अपने सभी आयोजन इसी उद्देश्य से करते हैं। कि हर व्यक्ति शिव को गुरु माने।शिव शिष्य डॉ.अमित ने मानव जीवन में गुरु की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु के बिना किया गया कोई भी धार्मिक कर्म आत्मिक परिणाम नहीं देता।वहीं शिव शिष्या अनुनीता आनंद ने शिव के आदि गुरु एवं जगत गुरु स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला।शिव शिष्य अभिनव आनंद ने शिव शिष्यता की पृष्ठभूमि को स्वानुभूतियों से उपजी दीर्घ आध्यात्मिक यात्रा बताया।इस महोत्सव में देश-विदेश से आए लगभग लाखों शिव शिष्यों की सहभागिता रही।कार्यक्रम में आगंतुकों का स्वागत पलामू के रहने वाले आलोक कुमार ने किया। तथा आभार एवं समापन नीलम दीदी के भाई सचिंद्रजीत सिंह ने किया। आयोजन को सफल बनाने में पलामू जिले के समस्त गुरुभाई-बहनों का सराहनीय योगदान रहा।इस कार्यक्रम में भजन करने वाले बक्सर से सतीश कुमार, जपला से विजय कुमार, आरा से सुनील पांडे, रांची से संतोष पंडित रांची से मंजू, गढ़वा से यीशु गोस्वामी शहरसा से चंदन सहित गुरु भाई बहनों ने शिव शिष्य पर आधारित भजन को प्रस्तुत किया।

  • तरहसी प्रखंड के टरिया पैक्स में धान अधिप्राप्त केंद्र का शुभारंभ

    धान क्रय केंद्र देरी से उद्घाटन पर जिला परिषद् सदस्य कृष्ण मुरारी सिंह ने जताई नाराजगी, छोटे किसानों के हितों पर उठे सवाल

    तरहसी (पलामू), 15 दिसंबर। खरीफ विपणन मौसम वर्ष 2025-26 के तहत तरहसी प्रखंड के टरिया पैक्स में धान अधिप्राप्त केंद्रों का सोमवार को उद्घाटन किया गया। प्रत्येक केंद्र की गोदाम क्षमता 100 मीट्रिक टन रखी गई है। टरिया पैक्स केंद्र का शुभारंभ जिला परिषद सदस्य कृष्ण मुरारी सिंह ने फीता काटकर किया। केंद्रों का संचालन पैक्स अध्यक्ष दिनेश सिंह के अधीन होगा खरीदारी।उद्घाटन समारोह में टरिया पंचायत के मुखिया दीपक कुमार, पंचायत समिति सदस्य उदय बैठा, सांसद प्रतिनिधि अनिल सिंह, व संतु राम पंचायत सचिव नागेंद्र राम, संतु राम सहित कई गणमान्य ग्रामीण उपस्थित थे।इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य कृष्ण मुरारी सिंह ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि धान अधिप्राप्त केंद्र समय पर नहीं खुलने से छोटे किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है। केंद्र का उद्घाटन यदि 1 नवंबर को होता, तो किसानों को बेहतर मूल्य मिलता, लेकिन अब अधिकांश (लगभग 75 प्रतिशत) किसान मजबूरी में अपना धान निजी व्यापारियों को बेच चुके हैं।” 15 रुपए किलो ग्राम के हिसाब से उन्होंने कहा कि “सरकार की यह देरी छोटे किसानों के लिए निराशा का कारण बनी है। वहीं पंचायत समिति सदस्य उदय बैठा ने कहा कि इस वर्ष झारखंड, विशेषकर पलामू में धान की फसल बहुत अच्छी हुई थी। सरकार को समय रहते तैयारी करनी चाहिए थी ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके। अब भी अधिप्राप्ति केंद्र खुलने से कुछ राहत जरूर मिलेगी। जानकारी के अनुसार, धान का समर्थन मूल्य ₹24.50 रुपया प्रति किलोग्राम तय किया गया है। किसानों को धान बेचने के बाद 24 घंटे के भीतर भुगतान मिल जाएगा। पैक्स प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि धान का वास्तविक वजन लेकर खरीद की जाएगी और किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी।

  • विद्यालय परिवार एवं पेंशनर समाज ने मनाई स्व. रमा वल्लभ तिवारी की पुण्यतिथि

    नीलांबर-पीतांबरपुर (लेस्लीगंज)। इस अवसर पर विद्यालय परिसर और पेंशनर भवन, दोनों जगह श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया।विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षक, शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएँ तथा तिवारी जी के परिजन उपस्थित थे। समारोह की शुरुआत उनके चित्र पर माल्यार्पण और दो मिनट के मौन रखकर की गई। परंपरा के अनुसार, इस वर्ष भी तिवारी जी के परिवार की ओर से कमजोर एवं मेधावी छात्राओं के लिए ₹11,000 की सहयोग राशि विद्यालय को दी गई।स्व. तिवारी जी के पुत्र सतीश तिवारी व अजीत तिवारी ने कहा कि पिता जीवनभर शिक्षा को समाज उत्थान का सर्वोच्च साधन मानते थे। उन्होंने सदैव बेटियों की शिक्षा पर बल दिया। इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए यह वार्षिक सहयोग राशि प्रदान की जाती है।विद्यालय के प्राचार्य अमरेश सिंह ने कहा कि रमा वल्लभ तिवारी केवल एक प्रधानाचार्य नहीं, बल्कि विद्यालय की आत्मा थे। कठिन परिस्थितियों में विद्यालय की नींव रखकर उन्होंने अनुशासन और संस्कार की मजबूत परंपरा स्थापित की। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनके आदर्शों पर आधारित संस्मरण, भाषण और कविताओं के माध्यम से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।दूसरी ओर, पेंशनर समाज की प्रखंड इकाई ने भी पेंशनर भवन में उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष आनंद किशोर सिंह ने की, जबकि जिला अध्यक्ष जो. बलराम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने तिवारी जी के व्यक्तित्व को सादगी, ईमानदारी और अनुशासन का प्रतीक बताया।सेवानिवृत्ति के बाद भी तिवारी जी समाज सेवा और शिक्षा के उत्थान में सक्रिय रहे। एक वरिष्ठ पेंशनर ने कहा कि “उनका जीवन स्वयं में एक पाठशाला था। उनके योगदान को भूल पाना असंभव है।”सभा के अंत में सभी ने उनके आदर्शों पर चलते हुए शिक्षा और समाज सुधार के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान पूरे वातावरण में भावनात्मक गरिमा और प्रेरणा का माहौल बना रहा।

  • पलामू के तरहसी प्रखंड: जहां बच्चे बनते हैं ‘छोटे सर’ और मास्टर साहब गायब

    पलामू जिले के तरहसी प्रखंड के सरकारी स्कूलों में हास्य-व्यंग्य भरा ड्रामा चल रहा है। शिक्षक-शिक्षिकाएं तो रजिस्टर पर मौजूद हैं, लेकिन क्लासरूम में निशान ही नहीं! मजबूरन नन्हे-मुन्ने छात्र ब्लैकबोर्ड पर चढ़कर साथियों को पढ़ा रहे हैं – मानो “बच्चों का टीचर बनाओ अभियान” चल रहा हो। यह
    एक वायरल वीडियो में साफ दिखता है, की बच्चे क्लास में हंसते-खेलते नोट्स बना रहे। अब सवाल? मास्टर साहब कहां? शायद “अन्य महत्वपूर्ण कार्यों” में व्यस्त झारखंड राज्य के सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में तो शिक्षक भर्ती के लेटर बांटे जा रहे हैं, उपलब्धियां गिनाई जाती हैं। डिजिटल क्लास, टैबलेट, रियल-टाइम अटेंडेंस – सबका शोर! लेकिन जमीनी हकीकत? पलामू में 349 स्कूल एक ही टीचर के भरोसे, तरहसी जैसे इलाकों में एक कमरे में 5 5 सी क्लासें। बच्चे खुद पढ़ाते हैं । सिस्टम सोया पड़ा है – डैशबोर्ड पर हरी झंडी, ग्राउंड पर लाल सिग्नल! अब मजा आता है गरीब बच्चों के सपनों का। बच्चा सोचता है – आईएएस, आईपीएस, डीसी, एमबीबीएस बनूंगा! लेकिन जब टीचर ही न पढ़ाए, तो भविष्य कैसे चमकेगा? बड़े उद्योगपति, व्यापारी, अफसर अपने लाड़लों को प्राइवेट स्कूलों में धकेल देते – एसी क्लास, स्मार्ट बोर्ड। गरीब का बच्चा? सरकारी स्कूल में “सेल्फ-टीचिंग मोड” ऑन! शिक्षा की खाई चौड़ी हो रही, सिस्टम चुपचाप ताली बजा रहा। क्या ये बच्चे कभी UPSC क्रैक करेंगे, या जीवन भर “छोटे सर” ही बनकर रह जाएंगे?विभाग क्या कर रहा? मॉनिटरिंग कमेटी बनी, वीडियो कॉलिंग से चेकिंग – लेकिन फर्जी जॉइनिंग, अनुपस्थिति पर कार्रवाई कब होगा एक तरहसी में फूड पॉइजनिंग हो, बिजली का खतरा हो – सब चलता रहता। सरकार जागे, अफसर घूमें, वरना “बच्चा टीचर” ही नया ट्रेंड बन जाएगा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे, लेकिन सिस्टम की नींद गहरी

    मास्टर साहब से पूछा – “सर, क्लास क्यों नहीं?” जवाब – “बच्चे खुद पढ़ा रहे हैं, मैं तो सुपरवाइजर हूं!” हा हा! गरीब बच्चे मजबूरी में सुपरस्टार बन रहे, लेकिन असली सुपरस्टार बनने के लिए सिस्टम को जागना होगा। पलामू के तरहसी से आवाज – “टीचर आओ, बच्चे पढ़ाओ!” वरना शिक्षा का मजाक यूं ही चलेगा

  • सीएम बोले, अब सरकार गांव के दरवाज़े तक

    नेमरा (रामगढ़):मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन गुरुवार को अपने दादा जी यानी शहीद सोबरन सोरेन के 68 वें शहादत दिवस पर पहुंचे और जैसे ही उन्होंने मंच संभाला, माहौल में इतिहास, जोश और अपडेट का तड़का लग गया।

    सीएम बोले, झारखंड वीरों की धरती है, यहां की मिट्टी में बलिदान की खुशबू है, और अब इसमें विकास की खुशबू भी घुल रही है।” मंच से मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि अब सरकार गांव के दरवाज़े तक पहुंचेगी, ताकि जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और दलालों की दुकानें ठंडी पड़ जाएं!उन्होंने कहा कि अब सरकारी योजनाओं की “गठरी” सीधे घर-आंगन में पहुंच रही है — जैसे ठंड में रजाई! “हमारी सरकार गांवों से चलती है, रांची हेड क्वार्टर से नहीं,” सीएम हंसते हुए बोले।मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के एक साल पूरे होने पर 10 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। साथ ही स्वरोज़गार की दिशा में भी कदम बढ़ रहे हैं — “नौकरी नहीं मिली तो खुद का बॉस बनने का मौका तो है ही!” उन्होंने कहा।महिलाओं की तारीफ करते हुए बोले, “अब झारखंड की आधी आबादी अपने पैरों पर खड़ी हो चली है — और सरकार भी इनके साथ कंधे से कंधा मिला रही है।”कार्यक्रम में विधायक ममता देवी, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। माहौल जोशिला था, और गांव-गांव में अब चर्चा — “सरकार अब सचमुच दरवाज़े तक आ रही है, बस चाय तैयार रखिए

  • हाय रे पेंशन की पहेली: गलती किसकी और सजा किनको मालती देवी को बाह

    पलामू जिले के तरहसी प्रखंड में सरकार आपके द्वार तो पहुंच गई, पर न्याय अब भी कहीं रास्ते में भटक रहा है।ग्राम सुगी गांव की मालती देवी, उम्र बताती हैं 62 साल, पर उनका आधार कार्ड कुछ और ही कहानी सुनाता है वहां उनकी उम्र सिर्फ 43 साल लिखी है! अब जब कंप्यूटर ही ‘युवती’ बना दे तो मशीनों पर कौन गुज़रे?मालती देवी ने पंचायत भवन तरहसी पहुंचकर फरियाद की“अब भला 62 साल की हड्डियों में 43 साल की उमंग कैसे लाऊं प्रखंड के ऑपरेटर राहुल कुमार ने कहा कि “वीडियो साहब से बात कर लो, तभी पेंशन बन सकता है।” यानी यहां भी वही पुरानी सरकारी पहेली—गलती करे सिस्टम, भुगते गरीब यह मामला सिर्फ एक महिला की पेंशन का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की आंख मिचौनी का है। जहां फाइलों में उम्र घटाना सेकंडों का खेल है, वहीं वास्तविक उम्र बढ़ाने में बरसों लग जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि गलती की सजा आखिर कौन भुगते मशीन, ऑपरेटर या वो बेचारी जो हक़ मांगने की हिम्मत कर बैठी?अगर अफसरों ने समय रहते ऐसे मामलों पर ध्यान नहीं दिया, तो “डिजिटल इंडिया” की जगह “डिजिटल गड़बड़ी इंडिया” बनने में देर नहीं लगेगी। फिलहाल, मालती देवी उम्मीद लगाए बैठी हैं कि अगली बार कोई अधिकारी उनके साल नहीं, हाल पूछे। और उनका नाम भी ‘युवा सूची’ से निकलकर ‘वृद्धा पेंशन’ में शामिल हो सके।

  • मईया सम्मान योजना का आवेदन 193 रजिस्ट्रेशन जीरो ,पूर्व की तरह पोर्टल नहीं खुला

    सेलारी पंचायत भवन में आपकी योजना आपकी सरकार शिविर का आयोजन मईया सम्मान योजना का आवेदन 193 रजिस्ट्रेशन जीरो ,पूर्व की तरह पोर्टल नहीं खुला तरहसी( पलामू) प्रखंड के सेलारी पंचायत भवन प्रांगण में झारखंड सरकार की “आपकी योजना आपकी सरकार” अभियान के तहत शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता पंचायत की मुखिया श्रीमती जहान आरा ने की, जबकि संचालन बीपीओ दीपक कुमार ने किया। मौके पर समाजसेवी बालेश्वरी पांडे सहित प्रखंड के कई अधिकारी मौजूद थे। शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं के स्टॉल लगाए गए, जिनमें अबुआ आवास योजना, मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना के लिए बड़ी भीड़ देखने को मिला जाति, आय व स्थानीय प्रमाणपत्र, पेंशन योजना समेत कई योजनाओं के आवेदन लिए गए। हालांकि शिविर में बड़ी संख्या में आवेदन जमा हुए, लेकिन रजिस्ट्रेशन की प्रगति निराशाजनक रही। मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना के 193 आवेदन प्राप्त हुए, परंतु एक भी रजिस्टर नहीं हो सका। इसी तरह जाति, आय व पेंशन जैसी सामान्य योजनाओं में 42 ऑनलाइन आवेदन दर्ज हुए।स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकार के शिविर अब औपचारिकता बनकर रह गए हैं। महिलाओं ने शिकायत की कि मईया सम्मान योजना की राशि पिछले साल से बंद पड़ी है और कोई समाधान नहीं हो पा रहा। कांति देवी ने कहा कि कैंप मात्र सरकारी खानापूर्ति के लिए लगाए जाते हैं, धरातल पर काम नहीं दिखता।भाजपा मंडल मंत्री अनिल सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार जनता को लुभाने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम कर रही है। उनके अनुसार, कई योजनाओं में रकम दिलाने के नाम पर लाभुकों से बड़ी रकम वसूले जाते हैं। जनता में अब सरकार के प्रति भरोसा घटता नजर आ रहा है।

  • कृषि तकनीकी सूचना केंद्र तरहसी में बीज वितरण, किसानों में उत्साह

    तरहसी (पलामू)। तरहसी प्रखंड के कृषि तकनीकी सूचना केंद्र (एटीएमए) में सोमवार को किसानों के बीच उन्नत किस्म के रबी फसलों के बीजों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में चना, मक्का, गेहूं, राई तथा मसूर के बीज किसानों को उपलब्ध कराए गए। यह पहल कृषि विभाग की ओर से की गई है, जिसका उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराकर फसल उत्पादन बढ़ाना है।इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, जिनमें महेंद्र कुमार महतो, आनंद कुमार सिंह, देवेंद्र कुमार, रामरेखा सिंह, संजय सिंह, प्रमोद पासवान, दीपक कुमार, सोनू कुमार वर्मा, इंद्रदेव यादव तथा अरविंद राम प्रमुख रूप से मौजूद थे। किसानों को उनकी भूमि और आवश्यकताओं के अनुसार बीज दिए गए, ताकि वे समय पर बुआई कर सकें।कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी निलेश रंजन तिवारी और बीटीएम विनय कुमार सिंह उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों को वैज्ञानिक खेती, समय पर बुआई, जैव उर्वरकों के उपयोग और कीट प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बीटीएम विनय कुमार सिंह ने कहा कि कृषि विभाग किसानों को निरंतर तकनीकी सहयोग और संसाधन उपलब्ध करा रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता और आय दोनों में वृद्धि हो।प्रखंड कृषि पदाधिकारी निलेश रंजन तिवारी ने किसानों से अपील की कि वे मिट्टी परीक्षण अवश्य कराएं और उसके अनुसार उर्वरक का प्रयोग करें। किसानों ने बताया कि समय पर बीज उपलब्ध होने से उन्हें काफी राहत मिली है और अब वे तय समय पर बुआई कर सकेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी किसानों ने कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी योजनाएं किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हो रही हैं।

  • दो पैन कार्ड मामले में आजम खां व अब्दुल्ला को सात साल की सजा सावधान

    रामपुर।दो पैन कार्ड मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां तथा उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां को दोषी करार दिया गया है। जिला अदालत ने सोमवार को दोनों को सात साल की सजा सुनाई और तुरंत हिरासत में ले लिया।यह मामला वर्ष 2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज कराया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए थे। मामले की विवेचना के दौरान प्रमाण मिले कि एक पैन कार्ड पर उनका वर्ष 1990 दर्ज था, जबकि दूसरे पर 1993 लिखा गया था। इस कूटरचित दस्तावेज के मामले में उनके पिता आजम खां की भूमिका भी सामने आई।अदालत ने इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए दोनों को दोषी करार दिया। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल भेज दिया गया। अदालत ने कहा कि एक व्यक्ति के नाम पर दो पैन कार्ड बनाना आयकर अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध है।कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी व्यक्ति के पास दो पैन कार्ड पाए जाने पर उसे आर्थिक अपराध माना जाता है और इसमें तीन से सात वर्ष तक की कैद हो सकती है। इसलिए आम नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि यदि गलती से भी किसी के पास दो पैन कार्ड हैं तो एक को तुरंत सरेंडर करा दें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।यह फैसला प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है और इसे रामपुर की राजनीति में अहम मोड़ माना जा रहा है।