Author: Yashwant Sharma

  • लेस्लीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रक्तदान शिविर का आयोजन

    लेस्लीगंज (पलामू), 14 नवंबर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेस्लीगंज में शुक्रवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय युवाओं, समाजसेवियों तथा स्वास्थ्यकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना और समाज में जागरूकता फैलाना था।कार्यक्रम की शुरुआत केंद्र प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की उपस्थिति में की गई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई मानव सेवा नहीं हो सकती। एक यूनिट रक्त चार लोगों का जीवन बचा सकता है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आज का यह शिविर आयोजित किया गया है।शिविर में ब्लड बैंक की टीम द्वारा सभी रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच की गई और रक्तदान की उचित प्रक्रिया अपनाई गई। युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने पहली बार रक्तदान कर समाज सेवा की शुरुआत की। महिलाओं की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन समय-समय पर होते रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में रक्त की कमी न हो। कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, एनजीओ सदस्यों एवं आम नागरिकों की भी उपस्थिति रही। आयोजकों ने सभी से अपील की कि अधिक से अधिक लोग रक्तदान के महत्व को समझें और समाज में स्वस्थ और मानवीय जीवन के निर्माण में योगदान दें।

  • समय पर मिला चने का बीज, किसानों में खुशी की लहर

    लेस्लीगंज (पलामू): रबी फसल की तैयारी में जुटे किसानों के लिए इस बार अच्छी खबर है। सरकार की पहल पर कृषि विभाग की ओर से समय पर चना बीज वितरण शुरू कर दिया गया है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बुधवार को पिपरा खुर्द पंचायत के पहाड़ी कला गांव में प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) की देखरेख में दर्जनों किसानों के बीच उन्नत चना बीज बांटा गया।ब्रजेश सिंह, मंटू सिंह, सतेंद्र राम, विनय पासवान, सुरेंद्र ठाकुर और जयराम मिस्त्री समेत कई किसानों ने बताया कि पिछले वर्षों में बीज वितरण देर से होने के कारण बुवाई प्रभावित होती थी। इस बार समय से बीज मिलने के कारण किसान बिना विलंब के बुवाई कर पा रहे हैं, जिससे अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है।कृषि विभाग के बीटीएम ने बताया कि राज्य सरकार की कोशिश है कि हर किसान को उच्च गुणवत्ता वाले बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि क्षेत्र में कृषि उत्पादकता बढ़ सके। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि चना बुवाई से पहले बीज उपचार करना न भूलें और आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाएं, जिससे फसल रोगों से सुरक्षित रहे और अधिक उत्पादन मिले।मौके पर प्रखंड प्रमुख सुनील कुमार पासवान, जिला परिषद सदस्य विजय राम, किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष अजय पासवान तथा छोटू सिंह सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे। उपस्थित अधिकारियों ने किसानों को तकनीकी जानकारी दी और फसल विविधीकरण के प्रति जागरूक किया।इस कदम से लेस्लीगंज प्रखंड के किसानों में नई ऊर्जा और उम्मीद की लहर है

  • झारखंड में सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है

    बिट्टू पाठक

  • जिला पुलिस के जवान ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, गांव में शोक का माहौल

    लातेहार: महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम अक्सी में सोमवार दोपहर को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां जिला पुलिस के हवलदार संदीप टोप्पो (पिता – पतरूस टोप्पो) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का समय दोपहर करीब तीन बजे बताया जा रहा है।परिवार के सदस्यों ने बताया कि जब काफी देर तक संदीप कमरे से बाहर नहीं निकले, तो उन्होंने दरवाजा तोड़कर देखा, जहां वह फांसी के फंदे से झूलते मिले। परिजनों ने तत्काल उन्हें नीचे उतारकर महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।जानकारी के अनुसार, संदीप टोप्पो वर्तमान में रांची के सुखदेव नगर थाना में हवलदार के पद पर कार्यरत थे और छह नवंबर को छुट्टी पर अपने गांव अक्सी आए थे। उनके परिवार का कहना है कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे और उनका इलाज भी चल रहा था। मानसिक स्थिति बिगड़ने के कारण ही उन्होंने यह कदम उठाया होगा।हवलदार संदीप अपने पीछे पत्नी और एक छोटे बेटे को छोड़ गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लातेहार भेजा।इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर छा गई है। गांव के लोग परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं, जबकि पत्नी और परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।

  • राष्ट्रीय एकता दिवस पर शपथ और एकता दौड़ का आयोजन

    पलामू सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती शुक्रवार कई जगहों पर मनाया गए और एकता भाईचारा बनाएं रखने का दृश्य दिखा मेदिनीनगर से

    तरहसी थाना परिसर में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया इस अवसर पर थाना प्रभारी आनंद राम के नेतृत्व में पुलिस कर्मी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय एकता शपथ के साथ हुई, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को हर परिस्थिति में बनाए रखने का संकल्प लिया।थाना प्रभारी आनंद राम ने कहा कि लौह पुरुष सरदार पटेल ने अपने अदम्य साहस और दूरदर्शी नेतृत्व से देश की कई रियासतों को एक सूत्र में जोड़कर राष्ट्र की नींव को मजबूत किया। राष्ट्रीय एकता दिवस प्रत्येक नागरिक को यह संदेश देता है कि भिन्नता में ही भारत की वास्तविक शक्ति निहित है।शपथ ग्रहण के बाद थाना परिसर से बेदानी मोड़ तक एक “एकता दौड़” का आयोजन किया गया। इस दौड़ में पुलिस बल और सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए। प्रतिभागियों ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” और “देश की एकता हमारी पहचान” जैसे नारे लगाते हुए उत्साहपूर्ण माहौल बनाया।मैराथन का उद्देश्य समाज में राष्ट्रीय एकता, साम्प्रदायिक सद्भाव और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम के सफल संचालन में थाना कर्मियों के साथ युवाओं का विशेष योगदान रहा। यह आयोजन तरहसी क्षेत्र में एक बार फिर एकता, देशभक्ति और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।

  • कम उम्र की युवा नेता फीता काटकर किया स्वागत भक्ति जागरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन सरेडी

    तरहसी (पलामू) : दीपावली के शुभ अवसर पर ग्राम सरेडी में इस वर्ष श्री लक्ष्मी पूजा महोत्सव के तहत भक्ति जागरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे युवा नेता गौतम प्रसाद ने फीता काटकर किया। उपस्थित ग्रामीणों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। इस मौके पर पूजा समिति के अध्यक्ष छोटू यादव, कोषाध्यक्ष कौशल यादव और सचिव गुड्डू सिंह ने संयुक्त रूप से अतिथि का अभिनंदन किया और कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।पूरे आयोजन स्थल को आकर्षक रंग-बिरंगी लाइटों और दीपों से सजाया गया था। मंच पर स्थानीय कलाकारों ने माता लक्ष्मी की आराधना तथा भक्ति गीतों की प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। ग्रामवासी इंद्रदीप यादव, उपेंद्र यादव, माहेश्वरी यादव, काजू अंसारी, नीतीश सिंह, विकास रजक, चौकीदार गजेंद्र पासवान, युगेश यादव, अशोक यादव, अमरेश यादव, सुरेंद्र यादव, नरेश यादव, जितेंद्र यादव और पवन गुप्ता सहित हजारों ग्रामीण इस अवसर पर उपस्थित थे।गर्व की बात यह रही कि इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए गौतम प्रसाद ने बेहद कम उम्र में ग्रामीण सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाकर युवाओं के लिए प्रेरणा का कार्य किया। कार्यक्रम देर रात तक चला और लोगों ने पूरी श्रद्धा व उत्साह के साथ भक्ति गीतों का आनंद लिया। आयोजकों ने अंत में सभी अतिथियों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा ऐसे आयोजनों से गांव में एकता और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

  • समाजसेवी बबन कुमार ने किया दुर्गा पूजा पंडालों का भ्रमण, समितियों को दिया सहयोग

    लेस्लीगंज (पलामू)। नवरात्र पर्व के अवसर पर पांकी विधानसभा क्षेत्र में सजाए गए दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धा और उल्लास का माहौल है। मंगलवार को इसी क्रम में क्षेत्र के युवा समाजसेवी बबन कुमार ने पांकी, तरहसी, मनातू और लेस्लीगंज प्रखंड के विभिन्न पंडालों का दौरा कर मां दुर्गा की आराधना की। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं से भेंट की और पूजा समितियों को सहयोग राशि भी प्रदान की।पूजा पंडालों के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। समिति सदस्यों ने कहा कि समाजसेवियों का सहयोग त्योहारी माहौल को और सशक्त बनाता है तथा पंडालों के संचालन में अहम भूमिका निभाता है।इस अवसर पर बबन कुमार ने कहा कि नवरात्र सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और शक्तिपूजा का प्रतीक है। उन्होंने अपील की कि सभी लोग मां दुर्गा से शांति, भाईचारा और समृद्धि की कामना करें। उन्होंने युवाओं से भी सामाजिक जिम्मेदारियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।उनके सहयोग और उपस्थिति से पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण देखा गया। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे कदमों से आयोजनों की ऊर्जा बढ़ती है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। पंडाल समितियों ने बबन कुमार को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उनका योगदान सामूहिक उत्सव को और भव्यता प्रदान करता है।स्थानीय युवाओं ने भी समाजसेवी की पहल को प्रेरणादायी करार दिया। उन्होंने कहा कि बबन कुमार जैसे लोग ही समाज के लिए सच्चे मार्गदर्शक हैं, जिनसे प्रेरणा लेकर नए लोग भी सेवा कार्यों में कदम बढ़ा सकते हैं।

  • जंगल बचाओ, जीवन बचाओ अभियान को लेकर ग्रामीणों का संकल्प

    सतबरवा प्रखंड के रेवारातु पंचायत स्थित जंगल पहाड़ को बचाने को लेकर ग्रामीणों ने एक जुट होकर शिवराज सिंह की अध्यक्षता में बैठक की। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने एकजुट होकर जंगल पहाड़ बचाने को लेकर संकल्प लिया । ग्रामीणों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण ही भविष्य की सुरक्षा है और पेड़-पौधे मां के समान हैं, जिनकी अस्मिता की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।समाजिक कार्यकर्ता आशीष कुमार सिन्हा ने कहा कि हमें अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़कर जल-जंगल-जमीन को सुरक्षित रखना है। वहीं विधायक प्रतिनिधि सह मीडिया प्रभारी महेश यादव ने जानकारी दी कि पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने 25 हजार पौधे लगाने का संकल्प लिया है। पहले चरण में पांच हजार पौधे लगाए जा रहे हैं।बैठक में गौरी देवी, सोनमतिया देवी, शांति देवी, कलावती देवी, गुजेरी देवी, कमला कुंवर, फुलमतिया देवी, मानमति कुंवर, निरवा देवी, चंदरकलिया कुंवर, रजपतिया देवी, मनोज राम, रवि सरदारी मोची, कबुतरी देवी, कमोदा देवी, जगनी देवी, आशा देवी, गिरेन्द्र सिंह, लगनी देवी, शीला देवी समेत सैकड़ों महिला-पुरुष मौजूद थे।

  • दुर्गा पूजा का दूसरे दिन दुर्गा कोन सा रूप के पूजा किया जाता है दूसरे स्वरूप का कैसे पूजा होती है देखिए खास रिपोर्ट

    ब्रह्मचारिणी स्वरूप के पूजन को विस्तार से जाने दुर्गा पूजा के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा होती है। यह देवी साधना, तपस्या, संयम और आत्मबल की प्रतीक मानी जाती हैं। पुराणों के अनुसार, के अनुसार माने जाते है जब देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या किया, तब वही स्वरूप ब्रह्मचारिणी कहलाने लगा। इस दिन भक्त मां के दिव्य और शांत रूप की आराधना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं
    पूजा का महत्व और जाने क्या है इतिहासद्वितीया तिथि यानी दूसरे दिन, मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।जो ब्रह्म का अर्थ होता है– तप, और चारिणी यानी आचरण करने वाली। तपस्या और त्याग का यह रूप कन्या अवस्था में देवी पार्वती द्वारा भगवान शिव को पाने के लिए किए गए कठोर साधना के कारण जारी हुआ। ऐसी मान्यता है कि ब्रह्मचारिणी की उपासना करने से साधक को धैर्य, संयम, ज्ञान, वैराग्य, और आत्मबल की प्राप्ति होती है।जो सभी लोगों को ये पूजा करना चाहिए साथ ही, साधक अपने जीवन के संघर्षों का सामना दृढ़ता से कर पाता है
    देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूपमां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप अत्यंत शांत और साधना में लीन है। उनके दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल होता है। यह तपस्या, शुद्धि, संयम और ध्यान का प्रतीक है। इनकी आराधना से विद्यार्थी, साधक और जो संयम जीवन की इच्छा रखते हैं, उन्हें विशेष लाभ मिलता है। देवी सफेद वस्त्र धारण करती हैं और उनका वाहन गाय है, जो शांति और सादगी का प्रतीक है
    पूजा विधिब्राह्ममुहूर्त से लेकर अभिजित और संध्या मुहूर्त तक मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। साफ स्थान पर मां की प्रतिमा स्थापित कर, जल, रोली, अक्षत, पुष्प आदि अर्पित किए जाते हैं। भोग के रूप में मिश्री और पंचामृत अर्पित कर, देवी के मंत्रों का जाप और आरती की जाती है
    इस प्रकार, दुर्गा पूजा के दूसरे दिन का पूरा इतिहास, धार्मिक महत्व और पूजन परंपरा भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखती है, जो संयम, तप और साधना की प्रेरणा देती है

  • पलामू उपयुक्त ने ट्विटर के माध्यम से हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की है

    इस आदेश में खास तौर पर सभी एमओआईसी (मुख्य चिकित्सा अधिकारियों) को निर्देश दिया गया है कि वे बिना उचित कारण एमएमसीएच (मध्य मेडीकल कॉलेज हॉस्पिटल) में मरीजों को रेफर करने से बचें। इसका उद्देश्य मरीजों को असुविधा से बचाना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना उपयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों का निरीक्षण कर उनके कामकाज में तेजी और प्रभावशीलता लाने पर जोर दिया है। यह कदम अस्पतालों में मरीजों की संख्या को संतुलित करने और अतिरेक की समस्या को खत्म करने के लिए उठाया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्यकेंद्र के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मरीजों की जाँच और इलाज की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए बेहतर योजना बनाएं ताकि अनावश्यक रेफरेंस से बचा जा सके।इस आदेश से यह साफ होता है कि स्वास्थ्य विभाग में न्यूनतम संसाधनों के प्रभावी उपयोग और मरीजों को बेहतर सेवा देने को प्राथमिकता दी जा रही है। मरीजों को सिर्फ तभी दूसरे अस्पताल में भेजा जाए जब उनकी सही जांच हो और वहाँ इलाज के लिए आवश्यक सुविधाएँ हों। इससे न केवल मरीजों की असुविधा कम होगी, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और भी अधिक व्यवस्थित होगी।इस आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग और जिम्मेदार बने रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पलामू क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इस प्रकार यह कदम स्वास्थ्य सेवा के स्तर को बढ़ाने और मरीजों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण पहल है।