
रामपुर।दो पैन कार्ड मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां तथा उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां को दोषी करार दिया गया है। जिला अदालत ने सोमवार को दोनों को सात साल की सजा सुनाई और तुरंत हिरासत में ले लिया।यह मामला वर्ष 2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज कराया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए थे। मामले की विवेचना के दौरान प्रमाण मिले कि एक पैन कार्ड पर उनका वर्ष 1990 दर्ज था, जबकि दूसरे पर 1993 लिखा गया था। इस कूटरचित दस्तावेज के मामले में उनके पिता आजम खां की भूमिका भी सामने आई।अदालत ने इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए दोनों को दोषी करार दिया। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल भेज दिया गया। अदालत ने कहा कि एक व्यक्ति के नाम पर दो पैन कार्ड बनाना आयकर अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध है।कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी व्यक्ति के पास दो पैन कार्ड पाए जाने पर उसे आर्थिक अपराध माना जाता है और इसमें तीन से सात वर्ष तक की कैद हो सकती है। इसलिए आम नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि यदि गलती से भी किसी के पास दो पैन कार्ड हैं तो एक को तुरंत सरेंडर करा दें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।यह फैसला प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है और इसे रामपुर की राजनीति में अहम मोड़ माना जा रहा है।
