
इस आदेश में खास तौर पर सभी एमओआईसी (मुख्य चिकित्सा अधिकारियों) को निर्देश दिया गया है कि वे बिना उचित कारण एमएमसीएच (मध्य मेडीकल कॉलेज हॉस्पिटल) में मरीजों को रेफर करने से बचें। इसका उद्देश्य मरीजों को असुविधा से बचाना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना उपयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों का निरीक्षण कर उनके कामकाज में तेजी और प्रभावशीलता लाने पर जोर दिया है। यह कदम अस्पतालों में मरीजों की संख्या को संतुलित करने और अतिरेक की समस्या को खत्म करने के लिए उठाया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्यकेंद्र के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मरीजों की जाँच और इलाज की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए बेहतर योजना बनाएं ताकि अनावश्यक रेफरेंस से बचा जा सके।इस आदेश से यह साफ होता है कि स्वास्थ्य विभाग में न्यूनतम संसाधनों के प्रभावी उपयोग और मरीजों को बेहतर सेवा देने को प्राथमिकता दी जा रही है। मरीजों को सिर्फ तभी दूसरे अस्पताल में भेजा जाए जब उनकी सही जांच हो और वहाँ इलाज के लिए आवश्यक सुविधाएँ हों। इससे न केवल मरीजों की असुविधा कम होगी, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और भी अधिक व्यवस्थित होगी।इस आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग और जिम्मेदार बने रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पलामू क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इस प्रकार यह कदम स्वास्थ्य सेवा के स्तर को बढ़ाने और मरीजों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण पहल है।

