कामरेड बीएन सिंह और उनकी पत्नी कविता सिंह ने एक अभूतपूर्व और प्रेरणादायक कदम उठाये है

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जीते जी अपना अंग दान पलामू मेडिकल कॉलेज को समर्पित किया है। यह निर्णय केवल शारीरिक योगदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति एक गहरी और सच्ची प्रतिबद्धता का प्रतीक है।कामरेड बीएन सिंह, जो भाकपा माले से जुड़कर पलामू जिले में सामंती ताकतों और गरीबों के हक, अधिकार, मान-सम्मान के लिए निरंतर संघर्ष करते रहे, न केवल समाज में बदलाव की अलख जलाई, बल्कि 18 साल तक जेल की सजा भी सहे। उनका जीवन जनता की लड़ाइयों में समर्पित रहा, और उनके संघर्षों ने समाज में बदलाव की नींव रखी।अब, जब वे इस संसार को छोड़ेंगे, तो उनका शरीर भी समाज के लिए, मेडिकल छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक अमूल्य धरोहर बन जाएगा। उनका यह निर्णय न केवल उनके संघर्षों की महानता को दर्शाता है, बल्कि यह उनकी सोच और जनता के प्रति अडिग प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।कॉमरेड बीएन सिंह का जीवन हमें यह सिखाता है कि समाज और मानवता के प्रति समर्पण में कोई सीमा या समय नहीं होता। उनका यह कदम उनके परिवार के साथ मिलकर एक अनमोल उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।हम उनके इस महान निर्णय और संघर्षों को सलाम करते है।

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