हाय रे पेंशन की पहेली: गलती किसकी और सजा किनको मालती देवी को बाह

पलामू जिले के तरहसी प्रखंड में सरकार आपके द्वार तो पहुंच गई, पर न्याय अब भी कहीं रास्ते में भटक रहा है।ग्राम सुगी गांव की मालती देवी, उम्र बताती हैं 62 साल, पर उनका आधार कार्ड कुछ और ही कहानी सुनाता है वहां उनकी उम्र सिर्फ 43 साल लिखी है! अब जब कंप्यूटर ही ‘युवती’ बना दे तो मशीनों पर कौन गुज़रे?मालती देवी ने पंचायत भवन तरहसी पहुंचकर फरियाद की“अब भला 62 साल की हड्डियों में 43 साल की उमंग कैसे लाऊं प्रखंड के ऑपरेटर राहुल कुमार ने कहा कि “वीडियो साहब से बात कर लो, तभी पेंशन बन सकता है।” यानी यहां भी वही पुरानी सरकारी पहेली—गलती करे सिस्टम, भुगते गरीब यह मामला सिर्फ एक महिला की पेंशन का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की आंख मिचौनी का है। जहां फाइलों में उम्र घटाना सेकंडों का खेल है, वहीं वास्तविक उम्र बढ़ाने में बरसों लग जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि गलती की सजा आखिर कौन भुगते मशीन, ऑपरेटर या वो बेचारी जो हक़ मांगने की हिम्मत कर बैठी?अगर अफसरों ने समय रहते ऐसे मामलों पर ध्यान नहीं दिया, तो “डिजिटल इंडिया” की जगह “डिजिटल गड़बड़ी इंडिया” बनने में देर नहीं लगेगी। फिलहाल, मालती देवी उम्मीद लगाए बैठी हैं कि अगली बार कोई अधिकारी उनके साल नहीं, हाल पूछे। और उनका नाम भी ‘युवा सूची’ से निकलकर ‘वृद्धा पेंशन’ में शामिल हो सके।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *