रांची:ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) झारखंड राज्य परिषद ने राज्य में मैट्रिक परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की घटना की कड़ी निंदा की है और इसे शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता करार दिया है। आइसा झारखंड के राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने इस मामले में उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को तुरंत हस्तक्षेप करने की बात कही है। एवं दोषियों पर तत्काल करवाई करने की मांग की है। JAC अध्यक्ष भी अपनी जवाबदही लेते हुए पद से इस्तीफा देना चाहिए।त्रिलोकीनाथ ने कहा कि झारखंड की शिक्षा व्यवस्था लगातार भ्रष्टाचार और लापरवाही की शिकार हो रही है। छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और सरकार इसे रोकने में पूरी तरह विफल रही है। यह घटना न केवल परीक्षार्थियों के साथ अन्याय है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर धब्बा भी है।प्रदेश संयुक्त सचिव संजना मेहता ने झारखंड सरकार पर प्रहार करते हुए कहा विधार्थियो के भविष्य के साथ खेलवाड बंद हो वही इस मामले में दोषियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की मांग की है और साथ ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है। संगठन के ओर से चेतावनी दी गयी है कि यदि जल्द से जल्द इस पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरे राज्य में व्यापक छात्र आंदोलन किया जाएगा.आइसा झारखंड सरकार से मांग करता है कि— 1. पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करवाई जाए.2. दोषी अधिकारियों और दोषी गिरोह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.3. छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए परीक्षा प्रणाली में सुधार किए जाएं।आइसा राज्य भर के छात्रों से अपील करता है कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष करें और शिक्षा के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए आवाज उठाएं।
आखिर बच्चों का भविष्य के साथ खिलवाड़ केव लोगो का सपना चूर करने में लगे हुए है

